Name: RAS Surya Swami
State: Rajasthan
City: Hanumangarh
Tehsil: Hanumangarh
Description: रांकावत स्वामी समाज के होनहार युवा सूर्य RAS अधिकारी
सूर्या स्वामी वर्तमान में एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने नाम के महत्व को सिद्ध किया है, उनका सूर्य के समान उज्ज्वल व्यक्तित्व है। सूर्या के पिता श्री राम कुमार जी भी एक सरकारी पद पर कार्य करते हैं, वे एक भू अभिलेख निरीक्षक के रूप में कार्यरत हैं, सूर्या अपने परिवार के साथ फतेहगढ़, हनुमानगढ़ में एक संयुक्त परिवार में रहते हैं। उन्होंने बीएड राजनीति विज्ञान में और स्नातकोत्तर हिंदी साहित्य में किया है। आप नेट उत्तीर्ण हैं। उनके दादा हनुमान प्रसाद जी एक किसान हैं और दादी श्रीमती विमला देवी एक गृहिणी हैं और माँ पुष्पा देवी भी एक गृहिणी हैं, उनके चाचा देवेंद्र स्वामी एक शिक्षक हैं, चाची श्रीमती पूनम गृहिणी है और छोटे चाचा श्री सुरेंद्र स्वामी एक शिक्षक हैं। और चाची जी भारती स्वामी भी एक शिक्षक हैं। आपकी पत्नी मानसी स्वामी गृहिणी हैं उनके छोटे भाई विशाल, आयुषी, अपूर्व, रुद्र और दिव्यांशी हैं। सूर्या की मां करनी तथा बजरंगबली में अटूट आस्था है। आप सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों, शिक्षकों को देते हैं और इसमें मित्रों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण मानते हैं। आप आशावादी सोच रखते हैं, हर काम को लगन से करना आपका व्यक्तित्व है। सूर्या के पिता के दोस्त डॉ राजेंद्र पेसिया जो कि IASहैं, उनसे 2013 में मिले और उनसे प्रेरणा ली। उसके बाद उन्होंने अपना लक्ष्य तय किया कि उन्हें भी एक उच्च पद प्राप्त है और इसके लिए कड़ी मेहनत करनी है। IAS डॉ राजेंद्र पेसिया के मार्गदर्शन से सफर की शुरुआत हुई। धीरे धीरे जैसे जैसे आगे बढ़ते गए और दोस्तों का सहयोग भी मिलाता रहा। जिस से यह सफल था संभव हो पायी है। इसके साथ ही RAS मुकेश तिवारी सरदारशहर ने भी सफलता में हर समय प्रेरक की भूमिका निभाई है। आपने एक बार पहले भी RAS के लिए प्रयास किया था। प्रथम प्रयास 2016 में किया था। जिसमें काफी हद तक सफल हो गए थे लेकिन अंतिम ग्रुप में सफलता नहीं मिली। 2016 के बाद आप तृतीय श्रेणी अध्यापक पद पर पोस्टिंग हुई इसके साथ ही नए सिरे से आर एस की तैयारी भी प्रारंभ की और कठोर मेहनत के बाद दूसरे ही प्रयास में सफलता को हासिल कर ली। सन 2018 में सफलता ने सूर्या के कदम चूमा और अपने RAS में 227 रैंक में प्राप्त की। जिस पर रांकावत समाज को आप पर गर्व है। अगर मनुष्य लगातार मेहनत करता है तो किस्मत भी साथ देती है। आपका रांकावत समाज के प्रति भी निष्ठा व प्रेम है तथा चाहते है की समाज के बच्चे भी उच्च शिक्षित हो कर उच्च पदों पर आशीन हो और समाज का व अपने परिवार का नाम रोशन करें। बच्चों के लिए कहते हैं कि परिजनों से भी निवेदन करते है की अपने बच्चों का लक्ष्य बच्चों को ही तय करने दे व उनके आगे बढ़ने में मदद करें उन पर अनावश्यक दबाव बनाने से बचें। युवाओं के लिए संदेश है की कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। अगर आप दृढ़ निश्चय कर लें और ठान ले तो जीत निश्चित रूप से संभव है जिंदगी में कोई भी गेम खेलो तो बड़े मैदान में बड़ा गेम खेलो 1 दिन सफलता जरुर मिलेगी। समाज के सभी बच्चे अग्रसर हो उच्च पद प्राप्त करें तथा उनके माता-पिता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के स्तर तक दिलवाने का प्रयास करें। कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उच्च पद प्राप्त करने के लिए समाज के युवाओं को सूर्या से सीख और मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा। इसके लिए आप चार बातें बताते हैं। मैं स्वामी समाज के सभी मेरे छोटे भाई बहनों को यही संदेश देना चाहूंगा कि अगर मेरे जैसा सामान्य प्रतिभा का विद्यार्थी RAS बन सकता हैं तो कोई भी विद्यार्थि इस राज्य की सबसे प्रतिष्टित सेवा में आ सकता हैं बस उसके लिए आवश्यकता हैं तो अपनी रुचि अनुरूप लक्ष्य तय कर, सतत रूप से समर्पण भाव से मेहनत की जाएं। धन्यवाद सूर्या स्वामी S/ श्री रामकुमार स्वामी समाज के हाल ही में बने RAS अधिकारी श्रीमान सोमदत्त जी स्वामी और सूर्या जी स्वामी इन दोनों का इंटरव्यू लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और इन्होंने अपनी सफलता की पूरी कहानी समाज के सामने रखी है वेबसाइट के माध्यम से पूरे समाज को इन दोनों के इंटरव्यू के रूप में प्रस्तुत कर रहा हूं। कि कैसे उन्होंने यह सफलता प्राप्त की है और किन का योगदान है और भी समाज के विधार्थी आगे कैसे ऐसी सफलता को प्राप्त कर सकते हैं पूरी जानकारी दी है इन्होंने । इंटरव्यू संकलनकर्ता रतनलाल रांकावत नोखा रांकावत स्वामी समाज के होनहार युवा सूर्या RAS अधिकारी
बनने पर बहुत बहुत हार्दिक बधाई और उज्जवल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं

RAS सूर्या कहना है कि : किसी भी चीज को शिद्दत से चाहो तो सारी कायनात आपको वह चीज खिलाने में जुड़ जाती है।
अर्थात आप ने चाहा कि मेहनत कर उच्च पद पर आसीन होना है तो इनके परिवार, गुरुजन इनके मित्र सहयोगी सभी ने साथ दिया और भगवान के आशीर्वाद से इन्होंने यह सफलता हासिल कर ली।
पहला :- रुचि अनुरूप लक्ष्य तय करना
दूसरा :- बेहतरीन योजना बनाकर उसको प्राप्त करने में जुट जाना
तीसरा :- लगातार मेहनत करना ईश्वर माता-पिता परिजनों गुरुजनों बुजुर्गों का सदैव सम्मान करना
चौथा :- जहाँ तक संभव हो प्रकृति में प्राणी मात्र के प्रति दया भाव रखना आप सदैव सकारात्मक रहे सकारात्मक सोच से सब कुछ संभव है।
रांकावत स्वामी समाज का बहुत-बहुत आभार आप सब का स्नेह यूं ही बना रहे।
फतेहगढ़, हनुमानगढ़
Ras 2018
Rank 227रांकावत समाज में प्रतिभावान व्यक्तित्व